Tumhe Accha Bhat Pahnaye Dungi /मत रुठो ननदी हमारी।


तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
मत रुठो ननदी हमारी, मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में सुनरा बहुत हैं,
मेरे गांव में सुनरा बहुत हैं,
सुनरा बहुत हैं सुनरा बहुत हैं,
सुनरा बहुत हैं सुनरा बहुत हैं,
भारी सी नथ गड़वाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
भारी सी नथ गड़वाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में बजजिया बहुत हैं,
मेरे गांव में बजजिया बहुत हैं,
बजजिया बहुत हैं, बजजिया बहुत हैं,
बजजिया बहुत हैं, बजजिया बहुत हैं,
तोहे साड़ी नई दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे साड़ी नई दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में दर्जी बहुत हैं,
मेरे गांव में दर्जी बहुत हैं,
दर्जी बहुत हैं, दर्जी बहुत हैं,
दर्जी बहुत हैं, दर्जी बहुत हैं,
तोहे चोली नई सिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे चोली नई सिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में हलवाई बहुत हैं,
मेरे गांव में हलवाई बहुत हैं,
हलवाई बहुत हैं, हलवाई बहुत हैं,
हलवाई बहुत हैं, हलवाई बहुत हैं,
तोहे लड्डू, पेड़े दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे लड्डू, पेड़े दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
मत रुठो ननदी हमारी, मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।
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Ram Ram Bolo Sare Bolo Krishna Kanhai/राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई।


राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

भक्त बुलावे आवाज मारे,
भक्त बुलावे आवाज मारे,
आजा, आजा, आजा द्वारे,
आजा, आजा, आजा द्वारे,
हरि नाम का कर लो सुमिरन,
घड़ी सुहानी आई,
हरि नाम का कर लो सुमिरन,
घड़ी सुहानी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

घर आंगन को खूब सजाओ,
घर आंगन को खूब सजाओ,
भक्त आये आज खुशी मनाओ,
भक्त आये आज खुशी मनाओ,
शहर–शहर और गली–गली में,
नाम की जोत जलाई,
शहर–शहर और गली–गली में,
नाम की जोत जलाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

अमृत समय है जागो सारे,
अमृत समय है जागो सारे,
हरि नाम गुण गा लो सारे,
हरि नाम गुण गा लो सारे,
चार बजे उठ कर लो सुमिरन,
कर लो नेक कमाई,
चार बजे उठ कर लो सुमिरन,
कर लो नेक कमाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

कलयुग में केवल नाम आधारा,
कलयुग में केवल नाम आधारा,
सुमर–सुमर नर उतरे पारा,
सुमर–सुमर नर उतरे पारा,
आओ भक्तों मिलकर सारे,
नाम की करो कमाई,
आओ भक्तों मिलकर सारे,
नाम की करो कमाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

गोविन्द हरे, गोपाल हरे,
गोविन्द हरे, गोपाल हरे,
जय, जय प्रभु दीनदयाल हरे,
जय, जय प्रभु दीनदयाल हरे,
शिव भोले ने अपने मुख से,
प्यारी धुन है गाई,
शिव भोले ने अपने मुख से,
प्यारी धुन है गाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।
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Chipte Chipate Aa Gai Re Banna Teri Nagariya/छिपते छिपाते आ गई रे बन्ना तेरी नगरिया।


छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
द्वारे पे बैठी मम्मी हमारी,
द्वारे पे बैठी मम्मी हमारी,
खिड़की से कूद मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
खिड़की से कूद मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

रस्ते में मिल गये भइया हमारे,
रस्ते में मिल गये भइया हमारे,
घूंघट निकाल मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
घूंघट निकाल मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

गलियों में मिल गई बहना हमारी,
गलियों में मिल गई बहना हमारी,
अंगुली दिखाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
अंगुली दिखाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

बाजार में मिल गये पापा हमारे,
बाजार में मिल गये पापा हमारे,
बातें बनाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
बातें बनाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

चौराहे पे मिल गई पड़ोसन हमारी,
चौराहे पे मिल गई पड़ोसन हमारी,
चकमा दे मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
चकमा दे मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।
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Kartik Maas Mahatmaya Satwan Adhyay/कार्तिक मास महात्म्य सातवां अध्याय


इस प्रकार विभिन्न व्रतों का परिचय पाने के बाद राजा पृथु ने कहा–हे नारद जी! आपके द्वारा विभिन्न व्रतों का परिचय पाकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। अब आप कृपा करके कार्तिक मास के किसी एक प्रमुख व्रत के विषय में मुझे बताएं। नारद जी कहने लगे कि हे राजन्! लोकहित में तुमने यह बड़ा ही सुन्दर प्रश्न किया है। सुनो, मैं तुम्हे कार्तिक मास में परम पवित्र तक्त व्रत की कथा सुनाता हूं। यह व्रत सौभाग्यवती स्त्रियों को अवश्य करना चाहिए।  व्रत करने का जो विधि–विधान मुझे ब्रह्मा जी ने बताया था वही मैं तुमसे कहता हूं। अतः तुम उसे ध्यानपुर्वक सुनो–आश्विन मास की पूर्णिमा को प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में बिस्तर छोड़ देना चाहिए उसके बाद नित्य कर्मों से निवृत होकर स्नान करना चाहिए। किसी नदी या सरोवर आदि में स्नान करें तो बहुत उत्तम है, यदि ऐसी व्यवस्था ना हो सके तो घर पर ही स्नान करें। 


व्रती को व्रत से एक दिन पहले सिर नहीं धोना चाहिए। स्नान के बाद सुन्दर वस्त्र और आभूषण धारण करें। ईश्वर का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें और इस प्रकार से प्रार्थना करें कि हे जगतपति! आप कृपा करके मेरे समस्त कुल की रक्षा कीजिए। मेरे पति ( यदि स्त्री करे तो) अथवा मेरी पत्नी ( यदि पुरुष करे तो) तथा बच्चों की रक्षा कीजिए। उसके पश्चात् भगवान सूर्य को प्रणाम करें। व्रत करने वाले को दिन के समय भोजन नहीं करना चाहिए और ना ही जल ग्रहण करना चाहिए। पूरा दिन भजन और पूजन में ही लगाना चाहिए। 


हे राजन्! सायंकाल में चांदी के पात्र में दूध डालकर ब्रह्मा जी का पूजन करना चाहिए। ब्रह्मा जी की सोने, चांदी, तांबा अथवा मिट्टी की मूर्ति बनानी चाहिए। उसके बाद मूर्ति को लाल वस्त्र पहनाएं और विधि पूर्वक पूजा करें। चांदी के पात्र में रखे दूध को सोने की मथनी से मथें और प्रार्थना करें कि हे ब्रह्मा जी! आप कृपा करके मेरे पति/पत्नी, और बच्चों की रक्षा करें, उन्हें धन–धान्य से युक्त और चिरंजीवी करें। नित्य प्रति पंचदेवों का पूजन करें उसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं। परिवार के वृद्ध परिजनों को स्वादिष्ट भोजन खिलाकर तृप्त करें। उसके पश्चात् संध्या होने पर स्वयं तारों के दर्शन करने के बाद भोजन करें।


हे राजन्! आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णमासी को किया गया यह व्रत ब्रह्मा जी का तक्त व्रत कहलाता है। यह व्रत सभी प्रकार के पापों को नष्ट करता है। व्रत करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्ञानी जन इस व्रत के फलस्वारूप मुक्ति प्राप्त करते हैं। ब्रह्मा जी के सम्मुख इस दिन कपूर प्रज्ज्वलित करने से साधक को वृक्षदान और गौदान का फल मिलता है। जो साधक ब्रह्मा जी को केसर–कस्तूरी सहित कपूर चढ़ाता है उसकी कई पीढ़ियां ब्रह्मलोक को प्राप्त होती हैं। जो श्रद्धालु महिला इस दिन वस्त्रदान करती है वह जन्म–जन्मांतर तक बैकुंठ में वास करती है। आभूषण दान करने पर ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। 

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Uga He Suraj Dev Bhor Bhinsarva/उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा ।


उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो,
उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

बड़की पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

बाँझिन पुकारें देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

अंधा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

निर्धन पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

कोढ़िया पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

लंगड़ा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।
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Sau Sau Rang Bhare Hain Ramayan Ji Mein/ सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।


सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

राम का जनम राम का बचपन,
राम का जनम राम का बचपन,
राम का जनम राम का बचपन,
कौशल्या की गोद में भगवन्,
कौशल्या की गोद में भगवन्,
भोले द्वार खड़े हैं श्री दशरथ जी के,
भोले द्वार खड़े हैं श्री दशरथ जी के,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

भरत का तिलक राम वन जाना,
भरत का तिलक राम वन जाना,
भरत का तिलक राम वन जाना,
दशरथ जी ने नहीं पहचाना,
दशरथ जी ने नहीं पहचाना,
कैकेई के करम लिखे हैं रामायण जी में,
कैकेई के करम लिखे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

रावण का आना सिया को ले जाना,
रावण का आना सिया को ले जाना,
रावण का आना सिया को ले जाना,
सुपर्णखा का नाक कटाना,
सुपर्णखा का नाक कटाना,
शबरी के बेर लिखे हैं रामायण जी में,
शबरी के बेर लिखे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

हनुमत का आना सिया को ढूंढ लाना,
हनुमत का आना सिया को ढूंढ लाना,
हनुमत का आना सिया को ढूंढ लाना,
लंका में जाके सिया को समझाना,
लंका में जाके सिया को समझाना,
सुंदरकांड लिखे हैं रामायण जी में,
सुंदरकांड लिखे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

राम को भजना और हनुमत को जपना,
राम को भजना और हनुमत को जपना,
राम को भजना और हनुमत को जपना,
गौरी की पूजा और भोले को भजना,
गौरी की पूजा और भोले को भजना,
भव से पार हो जाना रामायण जी में,
भव से पार हो जाना रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

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Sabko Daras Diye Jana Maiya Jab Jana Mandirwa Mein/ सबको दरस दिये जाना मईया जब जाना मंदिरवा में।


सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक अंधा पुकारे,
मईया के दुवारे एक अंधा पुकारे,
अंधा पुकारे मईया वो नैना मांगे,
अंधा पुकारे मईया वो नैना मांगे,
अंधे को नैन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
अंधे को नैन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक लंगड़ा पुकारे,
मईया के दुवारे एक लंगड़ा पुकारे,
लंगड़ा पुकारे मईया वो पैर मांगे,
लंगड़ा पुकारे मईया वो पैर मांगे,
लंगड़े को पैर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
लंगड़े को पैर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक बांझन पुकारे,
मईया के दुवारे एक बांझन पुकारे,
बांझन पुकारे मईया वो बालक मांगे,
बांझन पुकारे मईया वो बालक मांगे,
बांझन को बालक दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
बांझन को बालक दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक निर्धन पुकारे,
मईया के दुवारे एक निर्धन पुकारे,
निर्धन पुकारे मईया वो धन मांगे,
निर्धन पुकारे मईया वो धन मांगे,
निर्धन को धन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
निर्धन को धन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक कन्या पुकारे,
मईया के दुवारे एक कन्या पुकारे,
कन्या पुकारे मईया वो घर वर मांगे,
कन्या पुकारे मईया वो घर वर मांगे,
कन्या को घर वर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
कन्या को घर वर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक बालक पुकारे,
मईया के दुवारे एक बालक पुकारे,
बालक पुकारे मईया वो विद्या मांगे,
बालक पुकारे मईया वो विद्या मांगे,
बालक को विद्या दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
बालक को विद्या दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

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Jaikare Lagane Se Maa Maan Jati Hai/ जयकारे लगाने से मां मान जाती है।


जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
सच्ची जोत जगाने से हां सच्ची जोत जगाने से,
मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
ओ प्रेम से बोलो... जय माता की,
सारे बोलो...........जय माता की,
ओ जोर से बोलो.... जय माता की,
मेरी मां नई सुनिया... जय माता की,
मां जोता वाली....... जय माता की,
पहाड़ावाली.......... जय माता की,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है।।

मन में श्रद्धा रखकर जो भी,
मां की शरणी आ जाता,
मन में श्रद्धा रखकर जो भी,
मां की शरणी आ जाता,
जय माता दी बोल के वो,
दुःखों से मुक्ति पा जाता,
जय माता दी बोल के वो,
दुःखों से मुक्ति पा जाता,
चरणों में पुष्प चढ़ाने से, 
चरणों में पुष्प चढ़ाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
सच्ची जोत जगाने से हां सच्ची जोत जगाने से,
मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है।।

गुफा में बैठी सबको मुरादें,
बांट रही दिन रात मां,
गुफा में बैठी सबको मुरादें,
बांट रही दिन रात मां,
जो भी दिल की बात सुनता,
सुनती है उसकी बात मां,
जो भी दिल की बात सुनता,
सुनती है उसकी बात मां,
नित दर पे आने जाने से,
नित दर पे आने जाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
सच्ची जोत जगाने से हां सच्ची जोत जगाने से,
मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
ओ भक्तों जय माता दी, जय हो,
आवाज लगाओ.... जय माता दी,
मेरी मां नई सुनिया... जय माता दी,
जरा जोर से बोलो... जय माता दी,
जरा प्रेम से बोलो..... जय माता दी,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है।।

जोता वाली मां की ज्योति,
जो भी घर पे जगाते हैं,
जोता वाली मां की ज्योति,
जो भी घर पे जगाते हैं,
बिन मांगे ही महारानी से,
मनचाहा फल पाते हैं,
बिन मांगे ही महारानी से,
मनचाहा फल पाते हैं,
मन से ध्यान लगाने से हां,
मन से ध्यान लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
सच्ची जोत जगाने से हां सच्ची जोत जगाने से,
मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
ओ बोलो जय माता दी जय हो, 
सब मिलकर बोलो... जय माता दी,
आवाज ना आई... जय माता दी,
जरा मुख भी खोलो...
जरा प्रेम से बोलो.... जय माता दी 
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है।।

जिनके मुख से लग जाते हैं मैया के जयकारे,
जिनके मुख से लग जाते हैं मैया के जयकारे,
उनके सोये भाग्य जगा फिर करती है वारे न्यारे,
उनके सोये भाग्य जगा फिर करती है वारे न्यारे,
मां की भेंटे गाने से हां,
मां की भेंटे गाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
सच्ची जोत जगाने से हां सच्ची जोत जगाने से,
मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
ओ बोलो जय माता दी जय हो, 
सब मिलकर बोलो... जय माता दी,
ओ मैं नहीं सुनिया.... जय माता दी,
मेरी मां नई सुनिया.. जय माता दी,
ओ बाण गंगा... जय माता दी,
ओ पानी ठंडा... जय माता दी,
ओ चरण पादुका... जय माता दी,
मां शेर सवारी... जय माता दी,
ओ आदि सवारी... जय माता दी,
ओ हाथी मत्था... जय माता दी,
ओ कठिन चढ़ाइयां.. जय माता दी,
ओ आ गया द्वारा... जय माता दी,
लो दर्शन कर लो... जय माता दी,
मां झोली भर दी... जय माता दी,
जरा प्रेम से बोलो.... जय माता दी 
सारे बोलो जय माता दी,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
सच्ची जोत जगाने से हां सच्ची जोत जगाने से,
मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है,
जयकारे लगाने से मां मान जाती है।।


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Chanda Bhi Dekh Sharmaya Maiya Ji Tumhe Kisne Sajaya/ चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।



चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
किसने सजाया मैया किसने सजाया,
किसने सजाया मैया किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।।

नैना कटीले सुन्दर अंखियां,
नैना कटीले सुन्दर अंखियां,
नैनों में कजरा लगाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
नैनों में कजरा लगाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।।

बाल घुंघराले जैसे बादल हों काले,
बाल घुंघराले जैसे बादल हों काले,
बालों में गजरा लगाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
बालों में गजरा लगाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।।

लाल लाल मेंहदी लागे बड़ी प्यारी,
लाल लाल मेंहदी लागे बड़ी प्यारी,
हाथों में कंगना पहनाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
हाथों में कंगना पहनाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।।

कमर में करधन पांव महावर,
कमर में करधन पांव महावर,
पायल ने शोर मचाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
पायल ने शोर मचाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।।

लाल लाल चोला चम चम चमके,
लाल लाल चोला चम चम चमके,
चुनरी ने मन हर्षाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चुनरी ने मन हर्षाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।।

नजर आज तुम्हें लग ना जाये,
नजर आज तुम्हें लग ना जाये,
रूप तेरा मन को भाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
रूप तेरा मन को भाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया,
चंदा भी देख शरमाया मैया जी तुम्हें किसने सजाया।।

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Maa Tera Darbar Sajaya Aaja More Angna/ मां तेरा दरबार सजाया आजा मोरे अंगना।


मां तेरा दरबार सजाया.....
मां तेरा दरबार सजाया आजा मोरे अंगना,
के मैया देर नहीं करना, 
आजा मां कि देर नहीं करना,
आजा मां कि देर नहीं करना,
मां तेरा दरबार सजाया आजा मोरे अंगना,
के मैया देर नहीं करना, 
आजा मां कि देर नहीं करना,
आजा मां कि देर नहीं करना।।

आना करके मां शेर की सवारी,
मैं निहारूंगी डगर मां तुम्हारी,
आना करके मां शेर की सवारी,
मैं निहारूंगी डगर मां तुम्हारी,
आगे–आगे हो हनुमान निराला,
पीछे–पीछे हो भैरव बलशाली,
आगे–आगे हो हनुमान निराला,
पीछे–पीछे हो भैरव बलशाली,
अरे गंगाजल स्नान करायेगा,
ये तेरा ललना,
मैया देर नहीं करना, 
आजा मां कि देर नहीं करना,
आजा मां कि देर नहीं करना।।

हो मैया फूलों से आसन सजाया,
इत्र से तेरा दर महकाया,
मैया फूलों से आसन सजाया,
इत्र से तेरा दर महकाया,
लाल चूनर मां तुमको ओढ़ाई,
माथे रोली का तिलक लगाया,
लाल चूनर मां तुमको ओढ़ाई,
माथे रोली का तिलक लगाया,
बनकर के तू दया की बदली,
मां मेरी बरसाना,
मैया देर नहीं करना,
आजा मां देर नहीं करना,
आजा मां देर नहीं करना,
मां तेरा दरबार सजाया आजा मोरे अंगना,
आजा मां कि देर नहीं करना,
आजा मां कि देर नहीं करना,
आजा मां देर नहीं करना।।

मैया मुझको भी अपना तू प्यार दे,
मेरे जीवन को दाती संवार दे,
मैया मुझको भी अपना तू प्यार दे,
मेरे जीवन को दाती संवार दे,
सदा गुण तेरे गाती रहूं मैं,
अपनी भक्ति का ऐसा वरदान दे,
सदा गुण तेरे गाती रहूं मैं,
अपनी भक्ति का ऐसा वरदान दे,
अपने भक्तों के सर पे मां,
हाथ दया का रखना,
मैया देर नहीं करना,
आजा मां देर नहीं करना,
आजा मां देर नहीं करना,
मां तेरा दरबार सजाया आजा मोरे अंगना,
आजा मां कि देर नहीं करना,
आजा मां कि देर नहीं करना,
आजा मां देर नहीं करना।।



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